प्रिय पाठक, आज के इस लेख में आपका स्वागत है। इस लेख में हम आपको क्रिया किसे कहते हैं? इस प्रश्न का उत्तर परिभाषा, भेद और उदाहरण के जरिए प्रदान करने वाले हैं, जिस वजह से इस लेख को आप अंत तक जरूर पढ़े।
इसी तरह हमने इससे पहले भी व्याकरण से जुड़ी बहुत सारी महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी पिछले लेखों में मुहैया करवाई है। जैसे कि शब्द, वर्णमाला, लिपि और सर्वनाम की परिभाषा।

तो इसी तरह इस लेख में भी हम आपको क्रिया की जानकारी आसान भाषा में उदाहरण के साथ देने वाले हैं।
क्रिया किसे कहते हैं?
वर्तमान में होने वाले काम या फिर भूतकाल में हो चुके कामों को बोध कराने वाले शब्दों को ही क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण: खाना, पीना, सोना, खेलना, पढ़ना आदि।
क्रिया के उदाहरण
नीचे दिए गए उदाहरणों पड़ता है, चलता है, गाता है, नाचती हैं और खेलता है में यह सभी शब्द किसी काम के होने का बोध कराते हैं, जिस वजह से इन्हें क्रिया कहां जाता है।
- शुभम पुस्तक पढ़ता है।
- राहुल धीरे धीरे चलता है।
- अनिकेत हर दिन गाना गाता है।
- निकिता सुंदर नाचती हैं।
- मनोज क्रिकेट खेलता है।
जरूरी सूचना:
- क्रिया शब्द की वजह से हमें किसी भी कार्य का समय पता चलता है, जैसे कि वह कार्य भूतकाल में हो चुका है, वर्तमान में हुआ है में या फिर भविष्य काल में होगा।
- जब धातु में “ना” लगा दिया जाता है, तो वह शब्द क्रिया बन जाता है, जिस वजह से क्रिया का निर्माण धातु से होता है और क्रिया को संज्ञा और विशेषण से भी बनाया जाता है। क्रिया के कुल 8 भेद होते हैं।
क्रिया के भेद
आपको हम यह बता देना चाहते हैं कि रचना और कर्म जाति के आधार पर किया के कुल 2 भेद होते हैं, जो कि इस प्रकार हैं।
- अकर्मक क्रिया
- सकर्मक क्रिया
1. अकर्मक क्रिया
जिस भी वाक्य में क्रिया को कर्म की आवश्यकता नहीं पड़ती है, उसे अकर्मक क्रिया करते हैं।
उदाहरण:
- गणेश दौड़ता है।
- विद्या नाचती है।
- राम हंसता है।
सूचना:
- ऊपर दिए गए पहले उदाहरण में “गणेश” कर्ता है और “दौड़ता” क्रिया है।
2. सकर्मक क्रिया
जिस वाक्य के क्रिया में कर्म का होना आवश्यक होता है, उस को सकर्मक क्रिया कहा जाता है।
उदाहरण:
- गणेश फल खाता है।
- कृष्णा सामान लाता है।
- मैं घर चलाता हूं।
सूचना:
- ऊपर दिए गए पहले उदाहरण में “गणेश” कर्ता है और “खाता” क्रिया है।
सरंचना के आधार पर क्रिया के भेद:
सरंचना के आधार पर क्रिया के कुल 4 भेद वो होते हैं, जो कि इस प्रकार है।
- प्रेरणार्थक क्रिया
- नामधातु क्रिया
- संयुक्त क्रिया
- कृदंत क्रिया
- प्रेरणार्थक क्रिया
करता खुद काम ना करके किसी और से काम करा रहा है, ऐसे क्रिया को प्रेरणार्थक क्रिया कहा जाता है।
उदाहरण: परवाना, लिखवाना, सिलवाना आदि।
- कप्तान खिलाड़ियों से गेंदबाजी कराता है।
- माता-पिता अपने बच्चों से कार्य कराते हैं।
- मालिक कर्मचारियों से काम कराता है।
- नामधातु क्रिया
क्रिया को छोड़कर संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि से बनने वाली धातु को नामधातु क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: गरमाना, अपनाना आदि।
- संयुक्त क्रिया
दो क्रियाओं के मिलने से बनने वाली क्रिया को ही संयुक्त क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: चल दिया, खा लिया, खेल लिया आदि।
- कृदंत क्रिया
किसी भी क्रिया में प्रत्यय जोड़कर उसका नया क्रिया रूप बनाया जाता है, तब उस क्रिया को ही कृदंत क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: दौड़ना, सीखना आदि।
आखिरी बात
इस लेख के जरिए हमने आपको क्रिया की परिभाषा, उदाहरण, भेद अकर्मक क्रिया, सकर्मक क्रिया, संरचना के आधार पर क्रिया के भेद से जुड़े सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है।
हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा। अगर आपको इससे जुड़ी और किसी जानकारी की जरूरत है, तो कृपया आप हमें कमेंट बॉक्स से अपना सवाल लिखकर भेजें, धन्यवाद।